*उद्योग मंत्री के गृह जिले कोरबा में 112 वाहन का कोई आता पता नहीं है जीतने 10 वहां वर्तमान में सड़क पर चल रहे हैं वह भी भगवान भरोसे है बाकी वाहन कंडम याढ में पड़ा हुआ है मेंटेनेंस के अभाव में कोरबा जिले को छत्तीसगढ़ सरकार से 112 वाहन 23 मिले थे 112 का 22 वाहन में एक गाड़ी को रायगढ भेज दिया गया वर्तमान में 21 वाहन है जो 10 वाहन खराब हो चुका है मेंटेनेंस के अभाव में ठीक नहीं है अभी विभाग के द्वारा मेंटेन करवाया जाएगा इसका भी कोई अता पता नहीं है कब कराया जाएगा और कब सड़कों में दौड़ेगी,मुझे विशेष सूत्रों से जानकारी मिली है मेंटेनेंस के अभाव में यह सभी वहान खड़े हुए है*
उद्योग मंत्री के गृह जिले में 112 वाहन का कोई आता पता नहीं है जीतने 10 वहां वर्तमान में सड़क पर चल रहे हैं बाकी वाहन कंडम याढ में पड़ा हुआ है मेंटेनेंस के अभाव में कोरबा जिले को छत्तीसगढ़ सरकार से 112 वाहन 23 मिला था 112 का 22 वाहन में एक गाड़ी को रायगढ भेज दिया गया वर्तमान में 21 वाहन है जो 10 वाहन खराब हो चुका है मेंटेनेंस के अभाव में है ठीक नहीं है अभी विभाग के द्वारा मेंटेन करवाया जाएगा ऐसा मुझे विशेष सूत्रों से जानकारी मिली है वही आपको बता दें एबीपी कंपनी छत्तीसगढ़ सरकार से सभी वहान को हायर किया था इसके बाद जीवीके कंपनी द्वारा अभी वर्तमान में देखरेख कर रहा है संजीवनी 108 भी बंद हो चुका है और एंबुलेंस सभी वाहन बंद हो चुके हैं मेंटेनेंस के अभाव में वहान कंडम होते जा रहा है 2018 में 112 वाहन चालू हुआ था उसे समय कोरबा के पांचो ब्लॉक में चारों तरफ हाईवे नेशनल हाईवे ग्रामीण सड़कों में नजर आते थे अब 112 वहां कुछ चुनिंदा सड़क मार्ग में ही नजर आते हैं उसमें भी वाहनों की हालत ठीक नहीं है किसी का टायर ठीक नहीं है कोई धुआं अधिक फेंक रहा है किसी की लाइट और सायरन ठीक नहीं है गाड़ी चारों तरफ से हिल रही है अधिक रफ्तार में वहान अन्बैलेंस होने लगते हैं 112 वहान आने से ग्रामीण क्षेत्र वनांचल क्षेत्र या नेशनल हाईवे एवं हाईवे क्षेत्र में लोगों को काफी राहत मिलती थी लोग घटना दुर्घटना की जानकारी तुरंत दिया करते थे और तुरंत कुछ पल में वहान पहुंचने के बाद पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया जाता था सबसे अधिक घटना दुर्घटना साथी माता बहनों का डिलीवरी के समय बहुत अधिक इस्तेमाल किया गया था समय रहते अस्पताल पहुंचते थे और जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित अस्वस्थ मे रहते थे उसे समय शिशु दर में बढ़ोतरी हुई थी अब यह सारी बातें सिर्फ कागजों मैं उलझ कर फाइलों में नजर आ रहा है क्षेत्र की जनता ताकने लगी देख रही हैं कि 112 वहान कब आएगी हमारे गांव नेता मंत्री अपनी भाषण मे बडी बाते बोलते हुए नजर आ जाएंगे लेकिन धरातल मे कुछ नही है सिर्फ झूठे वादों के अलावा कोरबा को उर्जानगरी के नाम से जाना जाता यहां सभी प्रांत के लोग निवास करते हैं और कोरबा शहर के चारों तरफ बड़े-बड़े थर्मल पावर प्लांट सरकारी एवं प्राइवेट बड़े-बड़े कोयल खदान स्थापित हैं और इन क्षेत्र में 112 वहान का इस्तेमाल बखूबी तरीके से कम लिया जाता था अब गिने चुने क्षेत्र में ही सीमित हो चुके हैं 112 के वहां क्या होगा कोरबा जिले का भविष्य यह तो आने वाला समय ही बताएगा नेता मंत्री डीएफ फंड का सिर्फ कमीशन खाएंगे या डीएफ फंड का इस्तेमाल करते हुए इन सभी 112 वाहनों का मेंटेनेंस करा कर सड़कों में दौड़ आएंगे जिससे क्षेत्र की जनता को लाभ मिलेगी इससे बड़ा कोई जनहित का काम नहीं है केंद्र की सरकार और राज्य की सरकार जीरो टॉलरेंस नीति की बात करती है यह कौन सा जीरो टॉलरेंस नीति है यह भी क्षेत्र की जनता को समझने की आवश्यकता है यह सारी बात आने वाला समय ही बताएगा धन्यवाद












