*नगर पालिका निगम कोरबा मे चल रहा है टेंडर में करोड़ों का घोटाला अपने खास ठेकेदार को काम दिलाने के चक्कर में कुछ ना कुछ नया क्वालिफिकेशन जोड़ दिया जाता है जिस ठेकेदार पार्टिसिपेट होने से वंचित हो जाए 3556•30 लाख सीएसईबी चौक से जैन मंदिर चौक आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी कोरबा शहर के अंदर गौरव पथ रोड़ बनाने का एक्सपीरियंस मांगना चाहिए जिसमें स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ निर्माण, डिवाइड निर्माण, स्ट्रीट लाइट, निर्माण का क्वालिफिकेशन मांगा गया है जो की लोक निर्माण विभाग से बिल्कुल विपरीत नजर आ रहा है इसमें सीमित ठेकेदार ही पार्टिसिपेट कर पाएंगे जिससे शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है*
नगर पालिका निगम कोरबा मे चल रहा है टेंडर में करोड़ों का घोटाला अपने खास ठेकेदार को काम दिलाने के चक्कर में कुछ ना कुछ नया क्वालिफिकेशन जोड़ दिया जाता है जिस ठेकेदार पार्टिसिपेट होने से वंचित हो जाए 3556•30 लाख सीएसईबी चौक से जैन मंदिर चौक आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी कोरबा शहर के अंदर गौरव पथ रोड़ बनाने का एक्सपीरियंस मांगना चाहिए जिसमें स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ निर्माण, डिवाइड निर्माण, स्ट्रीट लाइट, निर्माण का क्वालिफिकेशन मांगा गया है जो की लोक निर्माण विभाग से बिल्कुल विपरीत नजर आ रहा है इसमें सीमित ठेकेदार ही पार्टिसिपेट कर पाएंगे जिससे शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है अगर अधिक ठेकेदार पार्टिसिपेट करेंगे तो कंपटीशन में काम बिलों में जाएगा नहीं तो एवब में काम ठेकेदार को मिलेगा जिससे शासन के पैसे का दुरुपयोग होने की आशंका है कोरबा में लगभग 12 से 13 परसेंट वर्तमान में बिलों में काम ठेकेदार ले रहे हैं अभी कुछ माह पहले बरबसपुर कचरा सेंटर में 9 करोड़ का कार्य स्वीकृत हुआ था वह भी मैनेज के माध्यम से काम अपने चाहते ठेकेदार को दिया गया था 6 करोड़ का काम 2 करोड़ का सीसी रोड निर्माण कार्य महापौर निवास के पास वही 5 करोड़ का नाला निर्माण कार्य बालकों में होना है ऐसे बहुत से काम नगर पालिका निगम में आयुक्त और महापौर दोनों मिलकर मैनेज करके अपने चाहते ठेकेदारों को काम दिलाया जा रहा है और उनसे कमीशन के रूप में मोटी राशि ली जा रही है वैसे सूत्र बताते हैं कि नगर निगम में टोटल खर्च ठेकेदार को 26 परसेंट आता है यह सभी पैसा महापौर, आयुक्त से लेकर सभी अधिकारी बाबू इंजीनियर तक पैसा बटता है अभी वर्तमान में आप देख सकते हैं।
सीएसईबी पुलिस चौकी और अप्पू गार्डन के समीप दो सेट का निर्माण कार्य चालू किया गया है लेकिन अभी तक टेंडर विभाग द्वारा नहीं हुआ है ऐसा हमारे विशेष सूत्र बता रहे हैं साथी नगर निगम किस मत के तहत यह निर्माण कार्य करा रहे हैं यह भी जानकारी किसी को नहीं है शिवाय महापौर, आयुक्त के दो सेट का निर्माण कार्य होना है आम लोगों को धूप और वर्षा ऋतु से बचाओ होगा जैसे छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में चौक चौराहों में निर्माण हुआ है वैसे ही निर्माण कार्य यहां भी होना है लेकिन टेंडर किस ठेकेदार को मिला है कितने रुपए का यह सेट का निर्माण कार्य होना है अभी तक कोई जानकारी विभाग द्वारा नहीं दी जा रही है। इससे साफ जाहिर है कि पूरा खेल अपने चाहते ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है तो भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी तो होना ही है हमारे कोरबा जिले के कलेक्टर साहब अक्सर मीटिंग में बोलते हुए नजर आ जाएंगे कि निर्माण कार्य में कोई कंप्रोमाइज नहीं किया जाएगा चाहे वह कोई भी ठेकेदार हो या अधिकारी हो और खुद निर्माणाधीन स्थलों में जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए आप देख सकते हैं लेकिन कोरबा शहर नगर निगम में आयुक्त का जो खेल चल रहा है वह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का अड्डा कोरबा नगर पालिका निगम बन गया है इस पर कोरबा कलेक्टर महोदय को ध्यान देने की आवश्यकता है और लगाम कसने की आवश्यकता है। जिससे नगर पालिका निगम की छवि आम नागरिकों के नजर में सुधार दिखे सके और लोगों में एक नया विश्वास रहे।
जब नगर पालिका निगम कोरबा में आयुक्त के रूप में जयवर्धन साहब पदस्थ थे तब ठेकेदार अधिकारी परेशान थे क्योंकि उनके जैसे ईमानदार आयुक्त आज तक कोई नहीं आया होगा ना पैसा लेते थे और काम में पूरी पारदर्शिता ईमानदारी से कार्य करवाया करते थे वर्तमान आयुक्त को सिर्फ कमीशन का हिस्सा पूरा चाहिए ऐसा वर्तमान में नगर पालिका निगम में प्रतीत हो रहा है जिस पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर महोदय को संज्ञा लेना चाहिए और कमीशन खोरी बंद करवाना चाहिए आपको बता दें नगर पालिका निगम कोरबा में अगर शासन स्तर पर जांच होती है तो पूर्व में टेंडर में गंभीर अनियमिताएं बरती गई है वह सब सामने आ जाएगा अपने मनपसंद ठेकेदार को काम दिलाने के लिए यह सब खेल खेला जाता है वही आज बड़े ठेकेदार जिनका काम और क्वालिटी काफी अच्छा होता है वह नगर पालिका निगम में टेंडर डालने में अपने आप को शर्मिंदगी महसूस करते हैं क्योंकि उनका पेपर का लिफाफा तक नहीं खुल पता है जिस ठेकेदार को कम देना नहीं चाहते हैं उसको एन केन प्रकरण उसके टेंडर को डिसक्वालीफिकेशन कर ठेकेदार को बाहर कर दिया जाता है क्योंकि रनिंग में जो ठेकेदार काम कर रहे हैं उनसे कमिशन वर्तमान के महापौर और आयुक्त को कितना लेना देना है उनको पूरा पता रहता है।
हम आगे भी नगर पालिका निगम कोरबा के भ्रष्टाचार को लेकर हमारी पैनी नजर बने रहेगी और हम कोरबा के जनता के बीच में अपनी बातों को प्रमुखता से प्रकाशित करते रहेंगे धन्यवाद












