HO – TP Nagar Korba(CG)

finalLogo
Breaking News
अम्बिकापुरकोरबा न्यूज़छत्तीसगढ़ न्यूज़दुर्गबस्तरबिलासपुररायपुरविशेष समाचार

*संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का विरोध विद्युत कंपनी से सामूहिक इस्तीफा देंगे एस टी, एससी वर्ग के कर्मचारी, विद्युत कंपनी में आरक्षण एवं अन्य सांगठनिक मांगो को प्रबंधन द्वारा नजरअंदाज कर कार्यवाही ना करने के विरूद्ध चरणबद्ध आंदोलन की सूचना विभाग सहित सभी शासकीय अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है 20 सूत्री मांग को लेकर चरणबद्ध होगा आंदोलन*

कोरबा छत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ स्टेट टांसमिशन / जनरेशन/ डिस्टीब्यूशन कंपनी, डगनिया, रायपुर (छ.ग.)

1. आदेश क. 8113, रायपुर, दिनांक 19.12.2024 | 2. परिपत्र क. 01-01/एचआर-आठ/365, रायपुर, दिनांक- 16.01.2026 |

उपरोक्त विषयांतर्गत, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ विभिन्न समस्याओं पर समय-समय पर पत्राचार कर उच्च प्रबंधन के संज्ञान में लाया गया है। परंतु समस्याओं के सकारात्मक समाधान के बजाय संदर्भित आदेश व परिपत्र के तारतम्य में असंवैधानिक पदोन्नति की कार्यवाही लगातार किया जा रहा है, जिसका संघ भर्त्सना करती है। प्रबंधन द्वारा निम्न लंबित समस्याओं के समाधान नहीं होने पर निम्नानुसार कमबद्ध आंदोलन की घोषणा करती है।

चरणबद्ध आंदोलन विवरण :-

1. दिनांक 13.04.2026 से 17.04.2026 तक समस्त क्षेत्रीय कार्यालय में गेट मिटिंग के साथ सामूहिक इस्तीफा के साथ ज्ञापन। 2. दिनांक 20.04.2026 एक दिवसीय सामूहिक अवकाश के साथ विरोध प्रदर्शन। 3. दिनांक 27.04.2026 अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश के साथ विरोध प्रदर्शन।

लंबित मांगे :-

1. माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेश दिनांक 01.05.2023 एवं 24.02.2025 और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा WPS No. 9778/2019 में पारित अंतिम निर्णय दिनांक 04.2024 का संदर्भित परिपत्र अनुसार गलत व्याख्या कर केवल सामान्य वर्ग को लाभ पहुंचाने के दृष्टिकोण से संदर्भित आदेशानुसार पदोन्नति की कार्यवाही की जा रही है। विद्युत कंपनी द्वारा पदोन्नति की चयन प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग, छ.ग.शासन के निर्देशानुसार नहीं की जा रही है, जिससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हजारों कर्मचारी अधिकारी पदोन्नति से वंचित है। अतः छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नए पदोन्नति नियम जारी होने तक असंवैधानिक पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल स्थगित किया जावे।

2. विद्युत कंपनी में छ.ग. लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण) अधिनियम 1994 के प्रावधानानुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती एवं पदोन्नति में जिला / संभाग स्तर का आरक्षण रोस्टर शीघ्र लागू किया जाय।

3. छ.ग. शासन द्वारा दिनांक 03.06.2015 को जारी अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थापना के संबंध में जारी दिशा-निर्देश को विद्युत कंपनी में यथावत लागू करवाया जाये।

4. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के आदेश क. 01-05/पीडी-दो/856-857/ रायपुर, दिनांक-19.09.2018 के द्वारा जारी स्थानांतरण नीति 2018 को यथावत लागू किया जावें। अनुसूचित क्षेत्रों में सेवाकाल के दौरान 03 वर्ष की कालावधि के लिए पदस्थापना आवश्यक है। एवं एक ही जगह 5 वर्ष से ज्यादा पदस्थ अधिकारियों को शीघ्र स्थानांतरण किया जावें।

5. विद्युत कंपनी में राज्य शासन के अन्य विभागों की तुलना में ड्यूटी के दौरान हेल्थ हजार्ड एवं एक्सीडेंटल रिस्क शामिल होता है। अतः केवल अभियंताओं को दी जाने वाली 3 प्रतिशत तकनीकी भत्ता को अन्य तकनीकी कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए विस्तारित किया जाय।

6. विद्युत कंपनी में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारी एवं अधिकारियों को छ.ग. शासन के अनुरूप ओल्ड पेंशन स्कीम को तत्काल लागू किया जाय।

7. विद्युत कंपनी में संविदा में कार्यरत कर्मचारी/अधिकारियों को पदरिक्तता को देखते हुए नियमित नियुक्ति दिया जाय।

8. विभागीय जांच की समय-सीमा निर्धारित किया जाय एवं राज्य शासन की आदेशानुसार एक वर्ष के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाय। समय-सीमा में जांच न होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित किया जावे।

9. विभागीय पदोन्नति समिति में अनुसूचित जाति/जनजाति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कंपनी के शक्ति प्रत्यायोजन पुस्तिका के तहत् स्थायी तौर पर विभिन्न स्तर की पदोन्नति हेतु समिति का गठन किया जाय।

10. चतुर्थ श्रेणी में नियुक्त कर्मचारियों को एक निश्चित सेवा अवधि पश्चात् तृतीय श्रेणी में पदोन्नति/पुनर्पदनामित करने का प्रावधान किया जाय।

11. तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए सी.आफैं. एवं ओव्हर टाइम नगदीकरण को चालू किया जावें।

12. कनिष्ठ/सहायक अभियंताओं द्वारा शासकीय / स्थानीय अवकाशों में कार्य निष्पादन के लिए C-Off भुगतान की सीमित दिवस में बढ़ोतरी कर उनके द्वारा किया गया डयूटी अनुसार C-Off भुगतान किया जाए एवं भुगतान की जाने वाली दर में संशोधन किया जाए।
13. पाली में कार्यरत अधिकारियों / कर्मचारियों के रात्रि भत्ता (Night Shift Allowance) की दर में संशोधन किया जाए एवं भुगतान की सीमित दिवस में बढ़ोतरी कर उनके द्वारा किया गया डयूटी अनुसार रात्रि भत्ता भुगतान किया जाए।

14. कर्मचारियों की संख्या कम होने की बावजूद अतिरिक्त कार्य करने के पश्चात् भी अतिकाल (Over time) नहीं दिया जाता है। अतः पूर्व की भांति 25 घंटा अतिकाल प्रदान किया जाए।

15. सुरक्षा सैनिकों को जोखिम भत्ता (Risk Allowance) प्रदान किया जाए।

16. विद्युत कंपनी में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों की सुरक्षा हेतु व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाय।

17. माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय दिनांक 13.08.2019 के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा रिट पिटीशन 1326/2014 दिनांक 03.04.2024 को पारित निर्णय में (ए.एम. आई.सी.इ) की शैक्षणिक योग्यता को सिविल इंजीनियरिंग के समक्ष मान्यता प्रदान की है जिसमें (ए.एम.आई.सी.इ) की परीक्षा हेतु दिनांक 31.05.2013 की पूर्व पंजीकृत अभ्यर्थियों की डिग्री को सिविल इंजीनियरिंग के समक्ष मान्यता प्रदान की है। अतः प्रमोद कुमार गढ़वाल, अधीक्षण अभियंता (सिविल) ट्रांसमिशन के द्वारा प्राप्त (ए.एम.आई.सी.इ) की डिग्री को सिविल इंजीनियरिंग के समक्ष डिग्री को उनकी सेवा पुस्तिका में ग्राहय किया जावे, जिससे उन्हें अग्रिम पदोन्नति से वंचित न होना पड़े।

18. स्वर्गीय पुनीत राम ध्रुव पिता अंगोरी राम ध्रुव की नियुक्ति परिचारक श्रेणी-03 के पद पर सी.एस.पी.टी.सी.एल के आदेश क्रमांक 1809 दिनांक 18.09.2013 के माध्यम से कार्यपालन अभियंता, अति उच्च दाब निर्माण संभाग रायपुर में हुई थी। जिनका देहांत दिनांक 05.06.2023 को उनके गृह ग्राम बिटकुली, बिल्हा, बिलासपुर में हो गया है। जिसके उपरान्त उनके पुत्र को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदाय की जानी थी परन्तु खेद पूर्वक यह अवगत करना पड़ रहा है कि विभागीय अनियमताओं के कारण आज तक अनुकम्पा नियुक्ति संबंधित लाभार्थी को नहीं मिल पायी है। तत्संबंध में अवगत कराना चाहेंगे कि उक्त मृत व्यक्ति के जगह फर्जी व्यक्ति संरक्षण की वजह से अभी तक नौकरी कर रहा है।

19. कंपनी में कार्यरत प्रोग्रामर पद के पदानुक्रम में प्रबंधक / उप-महाप्रबंधक का पद स्वीकृत किया

20. पारेषण एवं वितरण कंपनी में संचालन एवं संधारण कार्य के दौरान विभिन्न स्तर का दुर्घटना घटित होता रहता है। अतः कार्यरत कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विद्युत अधिनियम 2003 के सहपठित विनियम 2011 के अनुसार क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर सुरक्षा/संरक्षा अधिकारी की नियुक्ति किया जावें।

21. डगनिया स्थित परिसर में संघ को अस्थायी तौर पर कार्यालय संचालन हेतु अभियंता संघ के बाजू में स्थित शेड को आबंटन किये जाने का अनुरोध है।

(इं. राजेश बंजारा)

प्रांतीय महासचिव

प्रतिलिपी :-

1. माननीय मुख्य मंत्री, छ.ग. शासन, रायपुर को आवश्यक कार्यवाही हेतु सूचनार्थ।

2. प्रबंध निदेशक, छ. स्टे. पॉ. ट्रांस. / डिस्टी./जन. कं. लिमि., रायपुर (छ. ग.)।

3. कार्यपालक निदेशक/ मुख्य अभियंता (छ. स्टे. पॉ. ट्रांस./ डिस्टी./जन. कं. लिमि, रायपुर

(छ. ग.)।

4. पुलिस कमिश्नर, जिला रायपुर, छ.ग.।

5. जिलाधीश, जिला -छ.ग.।

6. पुलिस अधीक्षक, जिला छ.ग. ।

7. सहायक श्रमायुक्त, छ.ग. शासन, रायपुर छ.ग.।

8. उपमहाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध), छ. स्टे. पॉ. ट्रांस. कं. लिमि., रायपुर (छ. ग.)।

9. थाना प्रभारी, थाना छ.ग. । पत्र लिखकर अवगत कराया गया है।

 

छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और इसके मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं जो आदिवासी वर्ग से आते हैं और उन्हीं के राज्य में एसटी, एससी वर्ग के कर्मचारी दर-दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर है क्या सत्ता में बैठे अधिकारी आईएएस, आईपीएस मुख्यमंत्री को चला रहे हैं क्या छत्तीसगढ़ में ब्यूरो कैट पूरी तरह से हावी हो चुका है किसी का कोई सुनने वाला नहीं  है। जब छत्तीसगढ़ में जीरो टॉलरेंस की नीति से छत्तीसगढ़ सरकर कार्य कर रही है तो विद्युत कंपनी के कर्मचारियों के साथ क्यों अन्य हो रहा है। सरकार को इस ओर गंभीरता पूर्वक ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे एस टी, एससी वर्ग के लोगों को सही न्याय मिल सके और छत्तीसगढ़ एक खुशहाल राज्य की श्रेणी में इनका नाम दर्ज हो सके। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के द्वारा लिखा गया संविधान को भी सरकार दरकिनार कर रही है यह स्वस्थ समाज के लिए ठीक नहीं है।