*SECL कुसमुंडा के भू-विस्थापितों का नाराजागी का गुस्सा बढ़ा, प्रबंधन की वादाखिलाफी पर 6 और 7 मई को ‘खदान बंद’ का एलान*

*कुसमुंडा//कोरबा:-*
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL कुसमुंडा क्षेत्र के भू-विस्थापितों ने प्रबंधन की तानाशाही और वादाखिलाफी के खिलाफ हक संघर्ष की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों ने आगामी 06 मई और 07 मई 2026 को कुसमुंडा खदान का चक्काजाम कर खदान बंद करने की आधिकारिक घोषणा की है ।
*क्या है पूरा मामला?*
भू-विस्थापितों के अनुसार बीते 30 मार्च 2026 को कुसमुंडा क्षेत्रीय कार्यालय में दीपका तहसीलदार की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी इस दौरान प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि 15 दिनों के भीतर बिलासपुर मुख्यालय में सक्षम अधिकारियों के साथ बैठक कराकर समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा लेकिन अफसोसजनक है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी प्रबंधन ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया ।
*विस्थापितों की प्रमुख मांगें:-*
०१. *अर्जन के बाद जन्म:-* विस्थापित परिवारों में जमीन अधिग्रहण के बाद जन्मे सदस्यों के रोजगार और पुनर्वास के संबंध में स्पष्ट नीति ।
०२. *लंबित प्रकरण:-* वर्षों से धूल खा रहे पुराने मामलों का तत्काल निपटारा ।
०३. *आउटसोर्सिंग में प्राथमिकता:-* स्थानीय विस्थापितों को आउटसोर्सिंग कार्यों में उचित भागीदारी ।
०४. *अवैध कब्जे पर रोक:-* बरमपुर दुरपा जैसे क्षेत्रों में गैर-कानूनी कब्जों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई ।
*प्रबंधन की होगी जिम्मेदारी*
भू-विस्थापितों की प्रतिनिधि गोमती केंवट एवं अन्य आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारियों को सूचना दे दी है दो दिवसीय खदान बंदी के दौरान होने वाले किसी भी उत्पादन घाटे या कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए पूर्ण रूप से SECL कुसमुंडा प्रबंधन जिम्मेदार होगा ।
विस्थापितों ने चेतावनी दी है कि अब केवल कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा जब तक ठोस निर्णय नहीं होता आंदोलन जारी रहेगा ।












