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*”अंधेर नगरी चौपट राजा” का पार्ट 2 भ्रष्टाचार हिटलर- कलेक्टर अजीत कुमार बसंत को सरगुजा अंबिकापुर जिले के वर्तमान में कलेक्टर है उनका तबादला 16 दिसंबर 2025 को कोरबा से हुआ था इस 5 महीने में ही सरगुजा जिले के आम लोग और खास लोग में सत्ता में बैठे विधायक और 19 मंडल अध्यक्ष उनके कार्य शैली को लेकर हल्ला बोल रहे हैं यहां तक पिछले सप्ताह सभी लोग छत्तीसगढ़ के यशस्वीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी से मिलकर कलेक्टर अजीत कुमार बसंत का शिकायत किए हैं और विधायक सहित सभी नेताओं ने मांग किया है कि उनको तत्काल सरगुजा कलेक्टर से हटाया जाए उनकी कार्यशैली को लेकर उनके बात व्यवहार को लेकर वहां के आम जनता से लेकर शासन पक्ष के विधायक और मंडल अध्यक्ष विरोध कर रहे हैं छत्तीसगढ़ की सरकार बोलती है कि छत्तीसगढ़ में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है तो ऐसे भ्रष्ट हिटलर और अव्यवहाशिल व्यक्ति को क्यों सरगुजा कलेक्टर के रूप में बैठाया गया है*

रायपुर कोरबा सरगुजा,

“अंधेर नगरी चौपट राजा” का पार्ट 2 भ्रष्टाचार हिटलर- कलेक्टर अजीत कुमार बसंत को सरगुजा अंबिकापुर जिले के वर्तमान में कलेक्टर है उनका तबादला 16 दिसंबर 2025 को कोरबा से हुआ था इस 5 महीने में ही सरगुजा जिले के आम लोग और खास लोग में सत्ता में बैठे विधायक और 19 मंडल अध्यक्ष उनके कार्य शैली को लेकर हल्ला बोल रहे हैं यहां तक पिछले सप्ताह सभी लोग छत्तीसगढ़ के यशस्वीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी से मिलकर कलेक्टर अजीत कुमार बसंत का शिकायत किए हैं और विधायक सहित सभी नेताओं ने मांग किया है कि उनको तत्काल सरगुजा कलेक्टर से हटाया जाए उनकी कार्यशैली को लेकर उनके बात व्यवहार को लेकर वहां के आम जनता से लेकर शासन पक्ष के विधायक और मंडल अध्यक्ष विरोध कर रहे हैं छत्तीसगढ़ की सरकार बोलती है कि छत्तीसगढ़ में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है तो ऐसे भ्रष्ट हिटलर और अव्यवहाशिल व्यक्ति को क्यों सरगुजा कलेक्टर के रूप में बैठाया गया है उनके खिलाफ क्यों करवाई नहीं होती है। जनता की सेवक है ना की मालिक वैसे मुख्यमंत्री ने दोनों विधायक और पार्टी के सभी मंडल अध्यक्षों को आश्वासन दिया है इसके बाद सभी भाजपा विधायक एवं कार्यकर्ता रायपुर से सरगुजा वापस लौट गए हैं सूत्र तो यह भी बताते हैं कि अगर शासन सरगुजा कलेक्टर अजीत कुमार बसंत के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करती है तो भाजपा के विधायक सहित सभी 19 मंडल अध्यक्ष कलेक्टर के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं आपको ज्ञात होगा जब अजीत कुमार वसंत कोरबा के कलेक्टर थे तो पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर और पत्रकार के साथ इनका वाद विवाद हो गया था इसके बाद ननकी राम कंवर जी 4 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री निवास रायपुर में धरना देने के लिए गए हुए थे जिसे उनको गहोई भवन रायपुर मे हाउस अरेस्ट किया गया था उस दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी रायपुर एवं बस्तर प्रवास में थे उस समय ननकी राम कंवर ने तत्कालीन कलेक्टर के खिलाफ 14 गंभीर आरोप लगाए थे जिसमें मुख्य रूप से जिला खनिज न्याय मत का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार का मामला, अपने डॉक्टर पत्नी को गलत ढंग से नियुक्ति एवं सैलरी देने का आरोप लगाया गया था, फ्लोरामैक्स, भू स्थापितों के साथ अन्याय एवं पक्षपात करने एवं फर्जी मुआवजा राशि वितरण करने का मामला जिसमें वर्तमान में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई जांच कर रही है जैसे संगीन आरोप लगाए गए थे जो सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सोशल मीडिया पोर्टल न्यूज़ एवं प्रिंट मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। साथी पत्रकार ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तत्कालीन कलेक्टर कोरबा अजीत कुमार बसंत के खिलाफ हिटलर और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था उन्होंने यह भी कहा था कि बार-बार नोटिस भेजने में उनको मजा आता है किसी का मकान तोड़ने में उनको मजा आता है सूत्र तो यह भी बताते हैं उस समय मन्त्री ओपी चौधरी और मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद पांडे ने उनको बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा था उन्हीं दोनो के आशीर्वाद से सरगुजा कलेक्टर का पद उनको मिला है ऐसा हमारे विशेष सूत्र बताते हैं भाजपा के नेता भी दबी जुबान में बताते हैं की इन्हीं दोनों का खुला संरक्षण अजीत कुमार वसंत को है इस बात की कितनी सच्चाई है वह तो समय आने पर ही पता चलेगा लेकिन इतना जरूर है की कलेक्टर अजीत कुमार वसंत जहां-जहां पदस्थ रहे वहां-वहां इनका बात व्यवहार इंसान और इंसानियत और स्वस्थ समाज के लिए ठीक नहीं है। जांजगीर-चांपा में जब जिला पंचायत सीईओ थे वहां भी इनका बहुत विरोध हुआ था इसके बाद व्यवहार को लेकर वहीं मुंगेली जिले में जब कलेक्टर थे वहां भी इनके खिलाफ लोग खड़े हो गए थे। फिर कोरबा में ननकी राम कंवर और पत्रकार द्वारा कई गंभीर आरोप लगाए थे जिसमें पत्रकार द्वारा 20.9.2025 को मुख्यमंत्री निवास में लिखित में पत्र दिया गया था और अब सरगुजा कलेक्टर है तो वहां के विधायक 19 मंडल अध्यक्ष और भाजपा के नेता इनके खिलाफ हैं आगे इस मामले में क्या होता है हमारी पैनी नजर बनी रहेगी वैसे भी ननकी राम कंवर द्वारा जो 14 बिंदुओं में आरोप लगाया गया था उसे विषय में आज तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन स्तर पर नहीं की गई है इस बात को भी ध्यान रखने की आवश्यकता है छत्तीसगढ़ में ब्यूरो कैट कैसे हावी हैं आप देख सकते हैं क्या छत्तीसगढ़ में ब्यूरोक्रेट सरकार चला रहे हैं जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि सत्ता पक्ष में बैठे मंत्री, सांसद, विधायक, विपक्ष में बैठे जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हुए हैं सिर्फ मुख दर्शक बने हुए देख रहे हैं यह सवाल छत्तीसगढ़ की आम जनता पूछ रही है धन्यवाद