*कोरबा की इशिता ने अयोध्या नगरी में रचा नया इतिहास प्रथम पुरस्कार से हुई सम्मानित, छत्तीसगढ़ की इशिता कश्यप ने सभी कलाकारों को पीछे छोड़ते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया ,इशिता के सधे हुई पैरों की थाप एवं हस्त मुद्राओं ने निर्णायकों को मंत्र मुग्ध कर दिया वही इशिता के अलग-अलग लय में 150 चक्कर ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया हृदय की धड़कन से भी तेज गति से चक्कर लेने में माहिर इशिता के चेहरे से उसके मेहनत एवं नृत्य के लिए समर्पण साफ झलक रहा था*
**कोरबा की इशिता ने अयोध्या नगरी में रचा नया इतिहास प्रथम पुरस्कार से हुई सम्मानित **
अभी हाल ही में इशिता ने राम जी की नगरी अयोध्या में चल रहे राष्ट्रीय नृत्य संगीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर कोरबा एवं छत्तीसगढ़ को गौरांवित किया है ,भारतीय शास्त्रीय नृत्य कत्थक को समर्पित प्रतिष्ठित संस्था कृष्ण प्रिया कथक केंद्र,तथा बी एच यू एवं अमावा राम मंदिर के संयुक्त तत्वाधान में श्री राम ऑडिटोरियम अयोध्या में श्री रामार्चन का आयोजन किया गया था जहां देश भर से आए कलाकारों का समागम हुआ ,इस अवसर पर कथक नृत्य व लोक नृत्य के साथ गायन व अन्य विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित हुई जिसमें देश भर के चुनिंदा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया वही कथक नृत्य में पारंगत छत्तीसगढ़ की इशिता कश्यप ने सभी कलाकारों को पीछे छोड़ते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया ,इशिता के सधे हुई पैरों की थाप एवं हस्त मुद्राओं ने निर्णायकों को मंत्र मुग्ध कर दिया वही इशिता के अलग-अलग लय में 150 चक्कर ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया हृदय की धड़कन से भी तेज गति से चक्कर लेने में माहिर इशिता के चेहरे से उसके मेहनत एवं नृत्य के लिए समर्पण साफ झलक रहा था इस महोत्सव की निदेशक एवं संस्थापक श्रीमती उपासना तिवारी जी थी देश के प्रतिष्ठित कत्थक आचार्य एवं विद्वान कलाकार इस महोत्सव में उपस्थित थे जिसमें पंडित कृष्ण मोहन महाराज सुपुत्र कथका आचार्य पंडित शंभू महाराज तथा दिल्ली कथक केंद्र के वरिष्ठ प्रोफेसर मीनू घारू जी प्रमुख थे इस अवसर पर पंकज कुमार झा प्रबंधक अमावा मंदिर ,महंत साधनानंद पीठाधीश्वर सनकादिक आश्रम ,राम कथा संग्रहालय के निदेशक डॉक्टर संजीव आदि मौजूद रहे, बचपन से ही इशिता कत्थक में नए-नए कीर्तिमान स्थापित करती आ रही है एवं अनेक राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रथम स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को गौरांवित कर रही है, इशिता दुबई एवं मलेशिया में भी गोल्ड मेडल से सम्मानित की जा चुकी है और भारत के अनेक हिस्सों में अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए शास्त्रीय नृत्य के प्रचार प्रसार में अपना भरपूर सहयोग प्रदान कर रही है इशिता को संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति भी प्रदान किया जा रहा है जो उसे नृत्य के राह में और आगे बढ़ने में सहयोग प्रदान करेगा और नए-नए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा इशिता अंतर्राष्ट्रीय नृत्य गुरु श्री मोरध्वज वैष्णव जी की शिष्या है एवं केंद्रीय विद्यालय एनटीपीसी क्रमांक 2 में कक्षा 7वी की छात्रा है इशिता के पिता श्री रघुनंदन कश्यप एवं माता अनीता कश्यप बेटी के इस उपलब्धि से बहुत ही खुश हैं एवं गर्व महसूस कर रहे हैं सभी में इशिता को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की है






