HO – TP Nagar Korba(CG)

finalLogo
Breaking News
अम्बिकापुरकोरबा न्यूज़दुर्गदेश – विदेशबस्तरबिज़नेसबिलासपुररायपुरराष्ट्रीय समाचार

*भारतीय उद्योग जगत से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है,वेदांता रिसोर्सेज के संस्थापक अनिल अग्रवाल के इकलौते पुत्र और जाने-माने उद्यमी अग्निवेश अग्रवाल (49) का बुधवार को न्यूयॉर्क में आकस्मिक निधन हो गया,अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प 75% हिस्सा समाज कल्याण में लगाने के उस वादे को पूरी दृढ़ता से निभाएंगे अनिल अग्रवाल*

कोरबा मुंबई/न्यूयॉर्क: भारतीय उद्योग जगत से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। वेदांता रिसोर्सेज के संस्थापक अनिल अग्रवाल के इकलौते पुत्र और जाने-माने उद्यमी अग्निवेश अग्रवाल (49) का बुधवार को न्यूयॉर्क में आकस्मिक निधन हो गया।

एक साहसिक खेल (स्कीइंग) के दौरान हुई दुर्घटना के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जो उनके निधन का कारण बना।

“मेरे जीवन का सबसे काला दिन”: पिता की भावुक विदाई
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर इस अपूरणीय क्षति की जानकारी देते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “एक पिता के कंधे पर जवान बेटे की अर्थी का होना, दुनिया का सबसे असहनीय दर्द है। आज मेरे जीवन का सबसे दुखद दिन है।” उन्होंने बताया कि माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज के दौरान स्थिति में सुधार दिख रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

प्रतिभाओं का संगम थे अग्निवेश
अग्निवेश अग्रवाल केवल एक सफल व्यवसायी ही नहीं, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।

शिक्षा और करियर: मेयो कॉलेज (अजमेर) के छात्र रहे अग्निवेश ने ‘फुजैराह गोल्ड’ और ‘हिंदुस्तान जिंक’ के चेयरमैन के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी।

खेल और कला: वे एक बॉक्सिंग चैंपियन, कुशल घुड़सवार और संगीत प्रेमी भी थे।

सादगी की मिसाल: पटना के एक मध्यमवर्गीय परिवेश से निकलकर वैश्विक स्तर पर चमकने के बावजूद उन्होंने अपनी सादगी को कभी नहीं खोया।

अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प
अपने बेटे को याद करते हुए अनिल अग्रवाल ने एक बड़ा संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी संपत्ति का 75% हिस्सा समाज कल्याण में लगाने के उस वादे को पूरी दृढ़ता से निभाएंगे, जो उन्होंने अग्नि से किया था। उन्होंने भावुक मन से कहा, “वेदांता में काम करने वाला हर युवा मेरे लिए अग्निवेश की तरह है। अब मैं और भी सादगी से रहूँगा और देश को आत्मनिर्भर बनाने के अग्नि के सपने को पूरा करूँगा।”

अग्निवेश अपने पीछे पत्नी, बच्चों और माता-पिता को छोड़ गए हैं। उनके निधन से औद्योगिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।