*कोरबा शहर में हो रही है राखड़ की वर्षा जिले के ईमानदार कलेक्टर आंख में महाभारत के धृतराष्ट्र की तरह काला पट्टी बांधकर देख रहे हैं नहीं हो रही है उद्योगों में प्रदूषण के नाम पर कोई कार्रवाई कलेक्टर के बंगला में क्या रखड़ का परत नहीं जम रहा है छत के ऊपर लान-बगीचा में लगे हुए फूल एवं वृक्षों के ऊपर सबसे अधिक बालको प्लांट के चिमनी से निकलने वाली सफेद राखड़ से पूरा क्षेत्र पटा भरा है पर्यावरण विभाग बना मुख दर्शन आपको बता दें यह कोई पहला मामला नहीं है जैसे-जैसे ठंडी बढ़ती है वैसे-वैसे बालको प्लांट से निकलने वाली राखड़ पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लेती है ऐसा नहीं है कि अभी यह प्रॉब्लम निर्मित हुआ है 12 महीना यही स्थिति बनी रहती है जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घर के ऊपर राखड़ का परत जमा हुआ है फलदार वृक्ष फूल पौधे सब्जी भाजी लगाने वाले किसान नदी नाले सभी में आप सफेद राखड़ का परत देख सकते हैं क्या शासन प्रशासन बालको प्रबंधन को खुली छूट देकर रखा है*


कोरबा,
कोरबा शहर को ऊर्जा नगरी के नाम से जाना जाता है वही कोरबा शहर में हो रही है रखड़ की वर्षा जिले के ईमानदार कलेक्टर आंख में महाभारत के धृतराष्ट्र की तरह काला पट्टी बांधकर देख रहे हैं नहीं हो रही है उद्योगों में प्रदूषण के नाम पर कोई कार्रवाई कलेक्टर के बंगला में क्या राखड़ का परत नहीं जम रहा है छत के ऊपर लोन बगीचा में लगे हुए फूल एवं वृक्षों के ऊपर सबसे अधिक बालको प्लांट के चिमनी से निकलने वाली सफेद राखड़ से पूरा क्षेत्र पटा भरा है पर्यावरण विभाग बना मुख दर्शन आपको बता दें यह कोई पहला मामला नहीं है जैसे-जैसे ठंडी बढ़ती है वैसे-वैसे बालको प्लांट से निकलने वाली राखड़ पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लेती है ऐसा नहीं है कि अभी यह प्रॉब्लम निर्मित हुआ है 12 महीना यही स्थिति बनी रहती है जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घर के ऊपर राखड़ का परत जमा हुआ है फलदार वृक्ष फूल पौधे सब्जी भाजी लगाने वाले किसान नदी नाले (जल जंगल जमीन) सभी में आप सफेद राखड़ का परत देख सकते हैं लोगों को इस राखड़ से विभिन्न प्रकार के दुष्परिणाम जैसे असाध्य रोगों का सामना करना पड़ रहा है जैसे सांस लेने में दिक्कत होना आंखों में जलन होना बाल का झड़ना अस्थमा दमा एलर्जी होना नाक बहना खांसी होना घर के बाहर आंगन में कपड़ा सुखाने से पूरा राखड़ जम रहा है घर के बाहर वाहन के ऊपर राखड़ का सफेद परत आपको खुली आंखों से नजर आ जाएगा वही जैसे असाध्याय रोगों से लोग परेशान हो रहे हैं छोटे-छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों को तो इस प्रदूषण का बहुत ही विपरीत प्रभाव देखने को मिल रहा है इस पर शासन प्रशासन के बड़े पदों में बैठे हुए अधिकारी आंख में काली पट्टी बांधकर और कान को बंद कर के बैठे हुए हैं जरा अपना आंख में लगे हुए पट्टी को हटाकर देखें की क्षेत्र में बालको प्लांट से निकलने वाली प्रदूषण राखड़ कितना अधिक क्षेत्र में प्रभावित कर रहा है इस पर अंकुश लगाने की जवाबदारी शासन प्रशासन की है अगर कोई इस संबंध में जिले के कलेक्टर महोदय से शिकायत करते हैं यह मौखिक रूप से जानकारी उपलब्ध कराते हैं तो कलेक्टर महोदय उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी देते हैं नोटिस जारी करना धमकी देना उनकी एक आदत सी हो गई है लेकिन मूल समस्या का समाधान करना उनकी फितरत में नहीं है वही उद्योग खदान प्रबंधन की खुला सपोर्ट करते हैं इसका कई जीता जागता उदाहरण है कलेक्टर महोदय को आम लोगों की पीड़ा तकलीफ से उनको कोई लेना देना नहीं है कोरबा जिले के नागरिक कैसे खुशहाल और सुरक्षित ट्रैफिक और प्रदूषण मुक्त कोरबा शहर रहे उनसे उनको कोई सरोकार नहीं है वह तो अपना समय बिता रहे हैं और प्रमोशन पाकर बड़े पदों पर चले जाएंगे आज नहीं तो कल हमने देखा है कोई कलेक्टर 3 सल में गया कोई ढाई सल में गया आज नहीं तो कल ये भी चले जाएंगे। लेकिन कोरबा जिले को इन्होंने अपने कार्यकाल में क्या उपलब्धि देके जा रहे हैं इस विषय को लेकर कोरबा की जनता जरूर आकलन जरूर करेगी यह तो भविष्य की बात है।
लेकिन मूल समस्या का परमानेंट समाधान कैसे निकाला जाए उन पर कलेक्टर महोदय को कोई लेना-देना नहीं है उनकी फितरत में नहीं है वे तो उद्योग कोयला खदान की खुला सपोर्ट करते हैं आप देख सकते हैं नदी उस पार की क्या स्थिति है आए दिन लोग नौकरी पुनर्वास मुआवजा राशि को लेकर आंदोलन कर रहे हैं इसके बावजूद भी शासन प्रशासन पुलिस के बंदूक के नोक पर खाकी वर्दी का धमक दिखाकर पुलिस के बूट की आवाज से लोगों में दहशत पैदा करके बलपूर्वक सर्वे करने में आमादा है इसे शासन प्रशासन की खुला गुंडागर्दी हिटलर साही नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे सबको हिसाब एक दिन देना होता है ऊपर वाला सब देख रहा है समय आने पर एक-एक का हिसाब लेगा ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती है जिसको पड़ता है तब समझ में आता है जितना अत्याचार और जुल्म अधिकारी करेंगे आम नागरिकों के ऊपर उतना ही आम नागरिक आक्रोशित होते जाएंगे आम नागरिक के दिल और दिमाग से ड़र ख़त्म हो जाएगा तो वो भी शासन प्रशासन के सामने सिना तान के खड़े हो जाएंगे अपनी हक के लिए जिसकी सारी जवाबदरी शासन प्रशासन की होगी आये दिनो खदान में हेवी ब्लास्टिंग होने के करण पुरा गांव धूल और डस्ट से पट जा रहा है लोगों का मकान हेवी ब्लास्टिंग होने के करण मकान दरकने लगा है टूटने लगा है पीने का शुद्ध पानी के लिए लोग भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं कुछ दिनों के बाद एक-एक बूंद के लिए क्षेत्रवासी तरसेगे क्योंकी खदान गांव से लगा हुआ है और खदान की गहराई 250 फीट से 300 फिट से अधिक गहरा है आप अनुमान लगा सकते हैं की पानी का स्रोत अधिक गहराई रहेगा उधर ही बहेगा आये दिनो पत्र पत्रिकाओं में इलेक्टरॉनिक मीडिया में सोशल मीडिया में हेवी ब्लास्टिंग को लेकर समाचार प्रकाशित होते रहे हैं इसके बाजूद भी शासन प्रशासन किसी प्रकार की कोई कोयला खदान प्रबंधन के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठती है जिससे क्षेत्र की जनता त्रस्त और लाचार अपने आप को महसूस कर रही है लगता है यहां शासन प्रशासन प्रबंधन और कलिंगा कंपनी के ईशारे में कम कर रही है। जो भु स्थापितो की मौलिक अधिकार का हनान खुलेआम किया जा रहा है जिस पर मानव अधिकार आयोग को तत्काल संज्ञान लेने की अवशयकता है जिससे क्षेत्र के दलित शोषित वंचित पिछड़े वर्ग के आम लोगों को सही न्याय मिल सके ।
कोरबा जिला का गठन 1998 में हुआ था तब से लेकर आज तक ऐसा शासन प्रशासन मैंने कभी नहीं देखा है जिले के पहले कलेक्टर पीसी दलाई साहब से लेकर आज तक मैंने कोरबा की इतिहास को बहुत ही नजदीक से देखा है परखा है कोरबा एक ग्राम पंचायत से नगर बना साड़ा बना साड़ा के बाद नगर पालिका निगम और आज 17 वर्ष से कोरबा विधानसभा का रूप ले चुका है कोरबा लोकसभा है और सभी कलेक्टरों को देखा है समझा है और उनका कोरबा जिले के प्रति प्यार और और समर्पण भाव से काम करने की ललक विकास की गाथा को कोरबा की जनता भली भांति देख सकती हैं समझ सकती हैं इस संबंध में जितना भी लिखेंगे उतना कम है अगला एपिसोड बहुत जल्द लिखा जाएगा धन्यवाद 🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷💯


