*कोरबा कुसमुंडा एटक के अध्यक्ष ने अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा,कुछ दिन पूर्व भी दीपका में 23 पदाधिकारियों ने दिया था इस्तीफा*
कोरबा,
कोरबा-एसईसीएल कुसमुण्डा मजदूर आंदोलन से एटक यूनियन के क्षेत्रीय सचिव ने किनारा कर लिया हैं। उन्होंने एक अधिकृत रूप से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र में दो माह पूर्व खदान मे कार्यरत कामगारों को हो रही जटिल समस्याओं को गंभीरता से लेते हुये 05 बिंदुओं पर एटक, एचएमएस एवं इंटक यूनियन द्वारा संयुक्त रूप से आंदोलन किया गया था, उक्त आंदोलन को संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक), एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष बी.एल. महंत (राजवीर) ने पूर्ण रूप से समर्थन दिया था। वहीं दूसरी तरफ एटक कुसमुण्डा के क्षेत्रीय सचिव अजीत कुमार सिंह ने एसईसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर आंदोलन के लिये दिये गये नोटिस/क्षेत्रीय अध्यक्ष के हस्ताक्षर को शून्य घोषित करते हुये आंदोलन से किनारा कर लिया था, बावजूद इसके बी.एल. महंत (राजवीर) उक्त आंदोलन मे शामिल हुये थे, तब से संगठन मे उठा-पटक शुरू हो गया था। उक्त बात से आहत होकर संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष बी.एल. महंत (राजवीर) ने एसकेएमएस के केंद्रीय महामंत्री अजय विश्वकर्मा को बीते दिनों पत्र प्रेषित कर अपने केंद्रीय सचिव एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष पद तथा संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया है।
बी.एल. महंत ने दिए गए त्याग पत्र मे उल्लेख किया है कि संगठन मे पिछले 01 वर्ष से क्षेत्रीय सचिव द्वारा मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है, संगठन मे मनमर्जी पदाधिकारियों एवं समिति सदस्यों का फेरबदल करना, यूनियन के बैंक खाते मे क्षेत्रीय अध्यक्ष का नाम न जुड़वाना, मजदूरों की वाजिब हक की लड़ाई पर चुप्पी साध लेना इत्यादि की मौखिक एवं लिखित रूप से एटक एसईसीएल के केंद्रीय महामंत्री को दी गई, परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि क्षेत्र संगठन की कोई भी चिंता केंद्रीय महामंत्री को नही है, सामने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी 04 लेबर कोड है, और कुसमुण्डा क्षेत्र मे हम मजदूरों की वाज़िब हक की लड़ाई नही लड़ पा रहे हैं, ऐसे मे मजदूर एटक का साथ छोड़ देंगे, क्षेत्रीय अध्यक्ष होने के नाते मजदूरों के प्रति जवाब देही है, परंतु क्षेत्रीय सचिव के मनमाने रवैये से संगठन मे रहकर मजदूरों के कुछ भी नही कर पा रहे हैं, केंद्रीय महामंत्री द्वारा संगठन की बिगड़ी दशा को सुधार की दिशा मे आज पर्यन्त कोई भी कदम नही उठाया गया, जिससे आहत होकर एसकेएमएस (एटक) के समस्त पदों एवं संगठन की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।












