*कलिंगा प्राइवेट कोल कंपनी उड़ीसा,भुवनेश्वर दीपका के मैनेजर विकास दुबे ने नौकरी लगाने के नाम पर ₹70,000 की ठगी और जातिगत प्रताड़ना, के लगे गंभीर आरोप अधिकारी एवं कर्मचारी पर BNS की अलग-अलग धारा में FIR दर्ज पुलिस अधीक्षक के आदेश में हरदी बाजार थाने में किया गया करवाई*
* कलिंगा प्राइवेट कोल कंपनी उड़ीसा,भुवनेश्वर दीपका के मैनेजर विकास दुबे ने नौकरी लगाने के नाम पर ₹70,000 की ठगी और जातिगत प्रताड़ना, के लगे गंभीर आरोप अधिकारी एवं कर्मचारी पर BNS की अलग-अलग धारा में FIR दर्ज पुलिस अधीक्षक के आदेश में हरदी बाजार थाने में किया गया*
*हरदीबाजार//कोरबा:-*
जिला कोरबा के हरदीबाजार थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठने और बाद में पैसे मांगने पर मारपीट व जातिगत गली गलोच करते हुए अपमान करने के आरोप में पुलिस ने की BNS के तहत FIR दर्ज किया।
*क्या है पूरा मामला?*
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार चैतन्य और दीपक सिंह कंवर निवासी हरदीबाजार के अनुसार वे SECL गेवरा/दीपका परियोजना के तहत कार्यरत के.सी.सी. कंपनी में वैकल्पिक रोजगार की तलाश में थे मुकेश कुमार का आरोप है कि ऑफिस स्टाफ पीयुन रामप्रताप पटेल ने उन्हें ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर ₹70,000 लिए थे ।
जब एक माह बाद भी नौकरी नहीं मिली और मुकेश हाईवा वाहन ट्रायल में फेल हो गए तो 25 फरवरी 2026 को वे अपने साथी के साथ पैसे वापस मांगने कंपनी के ऑफिस पहुंचे आरोप है कि वहाँ मौजूद विकास दुबे (मैनेजर) रामप्रताप पटेल (पीयुन) और रवि सिंह ने पैसे लौटाने के बजाय उनके साथ गाली-गलौज की जातिगत सूचक अपमानजनक आदिवासी शब्दों का उपयोग कहकर संबोधित करना और उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया गाया।
*पुलिसिया कार्यवाही और धाराएं*
पीड़ितों ने बताया कि शुरुआत में स्थानीय हरदी बाजार थाने में शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हुई थी जिसके बाद मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुँचा वर्तमान में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और SC/ST (नृशंसता निवारण) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है:-
०१. BNS धारा 296:- अश्लील कृत्य और गाली-गलौज ।
०२. BNS धारा 115(2):- स्वेच्छा से चोट पहुँचाना ।
०३. BNS धारा 318(2):- धोखाधड़ी पैसे लेकर नौकरी न देना ।
०४. BNS धारा 3(5):- सामान्य मंशा (समूह द्वारा अपराध) ।
०५. SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(ध):- जातिगत अपमान और प्रताड़ना ।
*पीड़ितों की मांग*
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे गरीब और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग से आते हैं स्थानीय विस्थापित होने के नाते उन्हें रोजगार मिलना चाहिए था लेकिन स्थानीय रसूखदारों द्वारा उनके साथ अन्याय और अत्याचार किया गया है पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि तीनो दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और हमे निष्पक्ष न्याय मिल सके ।
*कलिंगा प्राइवेट कोल कंपनी उड़ीसा,भुवनेश्वर दीपका के मैनेजर विकाश दुबे के ऊपर पूर्व में 26 शिकायते/कंप्लेंन अलग-अलग ग्रामीणो द्वारा लिखित में दर्ज,कराया गया है लेकिन पुलिस एवं प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई आज तक नहीं किया गया न्याय के लिए भटक रहे ग्रामीण अधिकारी शिकायत दबाकर बैठे हैं*
उल्लेखित है कि एसईसीएल (SECL) क्षेत्र के भू-विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों ने पीएनसी (PNC) कंपनी के मैनेजर विकास दुबे के खिलाफ पूर्व में 26 शिकायते/कंप्लेंन मामले दर्ज है पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि मैनेजर के विरुद्ध थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक पूर्व में 26 से अधिक शिकायतें दर्ज होने के बावजूद आज तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है जिससे उनका मनोबल दिनों दिन बढ़ता गया एक गलती को छुपाने के लिए दूसरी गलती करने लगे विकास दुबे के खिलाफ थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगभग 26 शिकायतें लंबित हैं स्थानी ग्रामीण अपनी निजी संपत्तियों परिसंपत्तियों के मुआवज और रोजगार जैसे बुनियादी हक के लिए एसईसीएल प्रबंधन से लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल कंपनी प्रबंधन के सह पर उन्हें परेशान किया जा रहा है जिससे उनका रोजमर्रा की जीवन यापन करना दूभर हो गया है थाने व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज सभी पुरानी शिकायतों को फिर से खंगाला जाए और दोषी मैनेजर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए यह ग्रामीणों की मांग है। विकास दुबे ने हरदी बाजार के आसपास के क्षेत्र में बहुत अन्याय और अत्याचार किया है अपने पद और राजनीति पावर का दुरुपयोग करते हुए लोगों को प्रताड़ित किया है अब समय का चक्र बदल गया है अब उन्हें मुंह छुपाते हुए फिर ना पड़ रहा है। अपने आप को कटघोरा के विधायक प्रेमचंद पटेल का खास आदमी बताया करते थे। और इन्हीं का नाम लेकर शासन प्रशासन में बैठे अधिकारियों के ऊपर दबाव बनाया करते थे।












