*SECL गेवरा प्रबंधन के अड़ियल रवैये से आक्रोशित भू-विस्थापित महिलाएं एकजुट, अब होगा अनिश्चितकालीन धरना और खदान चक्काजाम की दी चेतावनी*
कोरबा आज का भारत न्यूज,
*गेवरा//कोरबा:-*
एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रभावित गांवों उमेंदीभाठा मनगांव रलिया और नरईबोध के भू-विस्थापित ग्रामीणों एवं महिलाओं का सब्र अब जवाब दे चुका है बार-बार आवेदन निवेदन ज्ञापन देने और आंदोलन के बाद भी समस्याओं का समाधान न होने पर ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं ने एकजुट होकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है ग्रामीणों का कहना है कि SECL प्रबंधन की वादाखिलाफी और तानाशाही रवैये के कारण वे एक बार फिर उग्र आंदोलन के रास्ते पर चलने को मजबूर हैं ।
भू-विस्थापित ग्रामीणों ने महाप्रबंधक SECL गेवरा क्षेत्र को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी न्यायसंगत मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे 12 अक्टूबर 2026 से एस.ई.सी.एल. गेवरा कार्यालय खदान शपरिसर एवं मुख्य गेट पर शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं चक्काजाम करेंगे ।
*ग्रामीणों की प्रमुख समस्याएं एवं आरोप*
01. बिना ग्राम सभा सहमति के अवैध खुदाई:- SECL द्वारा नियुक्त निजी कंपनियों द्वारा बिना ग्राम सभा प्रस्ताव बिना लिखित सहमति और बिना किसी पूर्व सूचना के ग्रामीणों की बची हुई जमीन तथा गांव की सीमाओं में जेसीबी (JCB) व पोकलेन मशीनों से जबरन खुदाई कराई जा रही है यह कानून तथा भूमि अर्जन अधिनियम का घोर उल्लंघन है ।
02. भारी ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें और जनहानि का खतरा:- खदान की दूरी गांवों से मात्र 100 से 200 मीटर रह गई है हैवी ब्लास्टिंग के तीव्र कंपनों से ग्रामीणों के पक्के व कच्चे मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना या जनहानि हो सकती है सुरक्षा मानकों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है ।
03. गंभीर स्वास्थ्य संकट:- दिन-रात 24 घंटे उड़ती धूल डस्ट और धुएं के कारण ग्रामीण सांस की बीमारी दमा आंखों में जलन और चर्म रोग जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं ।
04. मुआवजा रोजगार और पुनर्वास नीति की उपेक्षा:- भूमि अर्जन नीति के तहत मिलने वाले पुनर्वास लाभ बसाहट शासकीय रोजगार वैकल्पिक रोजगार और उचित मुआवजा वर्षों से लंबित हैं ।
*भू-विस्थापितों की प्रमुख मांगें*
01. तत्काल प्रभाव से खदान व कंपनी द्वारा की जा रही समस्त अवैध खुदाई/उत्खनन कार्य पर रोक लगाई जाए ।
02. बिना ग्राम सभा की लिखित सहमति के कोई भी नया कार्य प्रारंभ न किया जाए ।
03. भारी ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए ।
04. लंबित रोजगार बसाहट और पुनर्वास के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाए ।
*प्रशासन एवं शासन को प्रेषित प्रतिलिपि*
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर कोरबा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कटघोरा पुलिस अधीक्षक कोरबा तहसीलदार दीपका एवं थाना प्रभारी दीपका को प्रेषित कर दी गई है ।
*आंदोलनकारियों का बयान*
SECL के अधिकारी केवल खोखले आश्वासन देते हैं यदि हमारी मांगों का त्वरित निराकरण नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से होने वाले चक्काजाम और खदान बंद की पूरी जिम्मेदारी एस.ई.सी.एल. गेवरा प्रबंधन तथा शासन-प्रशासन की होगी ।
- इसमें प्रमुख रूप से गोमती केंवट कलश बाई पटेल पांचो बाई पटेल अगहन बाई महंत इन्द्रा आरती गोदावरी बाई सुरुज बाई साधना खैरवार सरस्वती पोर्ते शीतला देवी गीता जानकी सिंह प्रमिला संगीता सारथी उमा अनीता पटेल सहित काफी संख्या ग्रामीण महिलाओं उपस्थित रहे l










