*बायोडीजल के उपयोग से बालको जीवाश्म ईंधन की निर्भरता को कम करने की पहल*
कोरबा। बायोडीजल के इस्तेमाल से बालको संयंत्र ने जीवाश्म ईंधन की निर्भरता को कम किया है। तकनीकी वाहनों में बायोडीजल का इस्तेमाल किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में 22 हजार गीगा जूल ऊर्जा की बचत कर ऊर्जा संरक्षण और संयंत्र परिचालन में शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में कंपनी के ब?ते कदम हैं।
बालको का साल 2050 या इससे पहले संयंत्र को डीकार्बोनाइज करने का लक्ष्य है। डीकार्बोनाइजेशन ऊर्जा संरक्षण और हरित ईंधन में बढ़ोत्तरी कंपनी के दो महत्वपूर्ण पहल हैं। इस दिशा में बालको हरित ईंधन के विभिन्न स्रोतों, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, बायोमास, बायोडीजल के माध्यम से अपने ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की मात्रा को बढ़ा रहा है। कंपनी वर्तमान में अपने बिजली संयंत्रों में रोजाना 40-50 टन बायोमास ब्रिकेट का उपयोग कर रही है और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए बायोमास खपत की मात्रा को और बढ़ाने की योजना है। बता दें कि बायोडीजल जैविक पदार्थ से प्राप्त ईंधन का एक रूप है, जिसे जलाने पर पारंपरिक गैर-नवीकरणीय ईंधन की तुलना में कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होता है। बालको के सीईओ अभिजीत पति ने कहा कि हम अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए कई पहल कर रहे हैं। हमने ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीकों में सुधार और ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का अधिकतम उपयोग करने के लिए नवीन तकनीकों को अपनाया है।






