हरदी बाजार गेवरा दीपका सड़क की जर्जर हालत को लेकर ऊर्जा धानी भू विस्थापित संगठन ने किया चक्का जाम अधिकारियों के आश्वासन के बाद किया गया आंदोलन समाप्त
*सड़को की जर्जर हालत ,जाम और डस्ट की समस्या को लेकर ऊर्जाधानी संगठन ने किया चक्का जाम*
*हरदीबाजार/कोरबा:-*
दीपका से हरदीबाजार एवं हरदीबाजार से गेवरा बस्ती रलिया भिलाई बाजार नरई बोध कुसमुंडा मार्ग की सड़कों की जर्जर हालत भारी वाहनों के कारण लगने वाली जाम एवं डस्ट की समस्या से आम जनता को होने वाली बीमारी
जैसे सांस लेने में दिक्कत होना स्किन में प्रॉब्लम होना बीपी शुगर दमा जैसे असाध्य रोगों से परेशानियों को देखते आज ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले सराई सिंगार चौक में कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की परिवहन को सुबह 11 बजे से रोक दिया गया था । हरदीबाजार तहसीलदार रविशंकर राठौर और एसईसीएल के सिविल व कार्मिक अधिकारियों के द्वारा दिए गए आश्वासन औऱ वार्ता के उपरांत दोपहर 2 बजे के बाद चक्काजाम को समाप्त किया गया ।
उल्लेखनीय है कि यह मार्ग एसईसीएल दीपका एवं गेवरा से प्रभावित दर्जनों ग्रामो को दीपका , कटघोरा , कोरबा , पाली एवं बलौदा से जोड़ने वाली लाइफ लाइन सड़क मार्ग में से एक है जिसमें दोपहिया, चार पहिया एवं अन्य साधनों से एसईसीएल एवं अन्य संस्थाओं में अपनी ड्यूटी करने के लिए आना जाना करते है तथा हजारो ग्रामीण अपनी दैनिक दिनचर्या इसी मार्ग से पूरा करते हैं जबकि इन्ही मार्ग से होकर कोयला परिवहन के कार्य मे लगे भारी वाहनों की आवाजाही होती है। उक्त दोनों मार्ग में हमेशा ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है और भारी वाहनों का जाम भी लगता है । सड़क की जर्जर हालत के साथ साथ पानी की पर्याप्त छिड़काव नही होने से भारी धूल डस्ट उड़ती रहती है जिससे गंभीर प्रदूषण फैल रहा है । आने जाने वाले राहगीरों को रास्ता भी साफ दिखाई नही देता है । जिसके कारण आमजनों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं इन मार्गो की ऐसी हालत के कारण ही आये दिन होने वाली दुर्घटना से लोंगो को जानमाल की हानि उठानी पड़ रही है कितनो परिवार ने अपना सदस्य खोया है । बरसात के दिनों में सड़कों की बड़ी बड़ी गड्ढो के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है । एसईसीएल अपने कोयला उत्पादन बढ़ाने के बारे में चिंता से बाहर नही आ रही है और अपने प्रभावित क्षेत्र के सामुदायिक विकास कार्यो तथा ग्रामीणों के जानमाल की परवाह भी नही कर रही है । इसी आक्रोश में आज बड़ी संख्या में लोग सड़कों में उतरकर सड़क की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर हैं इस गंभीर समस्या का समाधान की मांग कर रहे थे । इस आंदोलन को शासन प्रशासन सहित एसईसीएल प्रबंधन अगर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए समस्त समस्या का समाधान नहीं करती है तो आने वाले कल में और भी चक्का करने के लिए लोग मजबूर होंगे
वही कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक कहां है क्षेत्र की जनता पूछ रही है चुनाव के समय बड़े-बड़े बातें कर रहे थे जब मैं विधायक बन जाऊंगा और हमारी सरकार आ जाएगी तो क्षेत्र की समस्या का समाधान प्रमुखता के साथ किया जाएगा मगर सरकार को लगभग साडे 3 वर्ष हो गए हैं लेकिन क्षेत्र की समस्या का समाधान जस की तस पड़ा हुआ है अब लगभग विधायक महोदय के पास डेढ़ वर्ष ही शेष बच गए हैं अगर समय रहते इन सभी समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो विधायक के लिए आने वाला दिन काफी कठिन साबित हो सकता है
वही केंद्र गवर्नमेंट से मिलने वाली रॉयल्टी जिसे आसान भाषा में जिला खनिज न्याय मद कहा जाता है उस राशि की इस्तेमाल खदान प्रभावित क्षेत्र के विकास में सही ढंग से नहीं किया जा रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
आज के आंदोलन के दौरान प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद पटेल , भूविस्थापित नेता सपुरन कुलदीप , जनपद पंचायत कटघोरा सभापति प्रभा तंवर,गोगपा अध्यक्ष अनूप मरावी रिपब्लिक कामगार ट्रेड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हीरालाल मल्होत्रा, श्यामू जायसवाल , रुद्र दास महंत , केशवनारायण जायसवाल , ललित महिलांगे संतोष दास महंत ,कुलदीप सिंह राठौर राहुल जायसवाल वीर सिंह कंवर , जगदीश पटेल , अनसुइया राठौर , सुभद्रा कंवर , आदिवासी नेता गणेश सिंह उइके कटघोरा गोगपा युवा मोर्चा अध्यक्ष ब्लॉक कटघोरा गणेश उइके,,जिला महामंत्री रामभजन देवमरकाम ,गौतम कंवर ,अभय महंत उपाध्यक्ष ggp युवा मोर्चा,, फिरत खुरसेंगा ,,महेश मरावी सलाहकार,रविश्याम राधेश्याम ,विद्यादयाल,बैजेन्ती बाई कवर मीरा बाई कंवर उर्मिला बाई कंवर निर्मला कंवर ललिता बाई शुशीला बाई जानकी बाई मान कुंवर अक्ती कंवर बबीता कोता बाई मीरा कमला बाई चमेली राजकुमारी लक्ष्न कुंवर विकास कुमार राजेश्वर कुंवर एवं अनेक भूविस्थापित एवं आमजन उपस्थित थे ।
*ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति*
*कोरबा छत्तीसगढ़*