ग्रीष्म काल में पेयजल की न हो कमी, योजना बनाकर करें कार्य : झा
0 टीएल की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश, कहा- वन्य प्राणियों का भी रखें ध्यान
0 जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में लापरवाही बरतने पर एबीईओ को कारण बताओ नोटिस
कोरबा। आगामी ग्रीष्मकाल के मद्देनजर जिले में विशेषकर खदान क्षेत्रों में पेयजल की कमी न हो इसके लिए पहले से कार्य योजना बनाकर कार्य करें। कलेक्टर संजीव झा ने मंगलवार को टीएल की बैठक में यह निर्देश दिया।
कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर ने ग्रीष्मकाल में पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों की जानकारी ली। बीते वर्ष 45 गांवों में पानी की समस्या चिन्हांकित की गई थी। इन क्षेत्रों में जलापूर्ति का विशेष ध्यान देने कहा गया। खदान क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु के दौरान होने वाली पेयजल की समस्या के निराकरण के लिए संबंधित एसडीएम को एसईसीएल से समन्वय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वन्य जीव प्राणियों के लिए भी पानी की समस्या न हो इसके लिए वन विभाग को योजना बनाकर कार्य करने कहा। बैठक में जल आवर्धन योजना की समीक्षा की गई। बताया गया कि छुरी में निर्मित जल आवर्धन योजना से 15 मार्च के बाद पानी मिलेगा।
कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिया कि 31 मार्च को सभी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क (रीपा) का उद्घाटन किया जाना है, इसके लिए पर्याप्त तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने कक्षा छठवीं से बारहवीं तक छात्रों के बनाये जा रहे जाति प्रमाण पत्र कार्य की समीक्षा करते हुए जिले में बनाये गये 5 हजार जाति प्रमाण पत्र छात्रों को विद्यालयों में वितरित करने कहा। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पोड़ी-उपरोड़ा को जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में लापरवाही बरतने एवं समय सीमा की बैठक में बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिले में कक्षा पहली से पांचवी तक के छात्रों के जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को कहा कि वन अधिकार पत्र जारी करने का कार्य गंभीरता से करते हुए पात्र लोगों को वन अधिकार पत्र जारी किए जाएं। उन्होंने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए एसडीएम एवं सभी तहसीलदार को कहा कि सीमांकन के लंबित प्रकरणों का शीघ्र ही निराकरण कर लिया जाए। उन्होंने सभी तहसीलों के रिकॉर्ड रूम की नकल शाखा की समीक्षा करते हुए लंबित नकल प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने को कहा।
कलेक्टर ने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देश दिए कि स्वीकृत गौठानों एवं चारागाहों को पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गौठान में गोबर खरीदी की तुलना में 40 प्रतिशत खाद रूपांतरण अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने गौठानों में स्वीकृत वर्मी टांको के निर्माण शीघ्र पूर्ण करने कहा। कलेक्टर ने विभागों में प्रधानमंत्री पोर्टल, मुख्यमंत्री जनचैपाल, कलेक्टर जनदर्शन, समय सीमा की बैठक से संबंधित लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर कटघोरा विजेंद्र पाटले, अपर कलेक्टर प्रदीप साहू, जिला पंचायत सीईओ नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


